Connect with us

Brahmakumaris Bhilai

खुद पर विश्वास, विधाता पर विश्वास उसके विधान पर विश्वास ही समर्पण्यता है..

Published

on

पीस ऑडिटोरियम में कर्नाटक से गीता ज्ञान विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने चार दिवसीय "सत्य गीता ज्ञान से आंतरिक परिवर्तन"

जीवन एक कर्म दर्शन,जैसा कर्म करेंगे, वैसी परिस्थितियाँ आएँगी… ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी कर्नाटक

सत्य गीता ज्ञान से आंतरिक परिवर्तन का प्रथम दिन…

खुद पर विश्वास, विधाता पर विश्वास और उसके विधान पर विश्वास ही समर्पण्यता है.. ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी कर्नाटक

सर्वशास्त्र शिरोमणि श्रीमद् भागवत गीता के अध्याय 9 के श्लोक 22 अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते |
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् || के बारे में बताते हुआ कहा कि जो संपूर्ण समर्पण मेरे अनन्य है जो उनको चाहिए वो देगा और उसकी रक्षा भी करेगा।

सूर्य की किरणे बिना किसी से प्रभावित हुए सम्पूर्ण प्रकृति,धरती,मनुष्यात्माओं सहित ब्रह्मांड को प्रभावित करती है।

भिलाई6 दिसंबर2025, छत्तीसगढ़:- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में कर्नाटक हुबली से पधारी गीता ज्ञान विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने चार दिवसीय “सत्य गीता ज्ञान से आंतरिक परिवर्तन” विषय पर ब्रह्माकुमारी टीचर्स बहनों की ट्रेनिंग प्रोग्राम के प्रथम दिन उन्होंने बताया कि सर्वशास्त्र शिरोमणि श्रीमद भगवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, अगर हम गीता के ज्ञान को जीवन में धारण करेंगे तभी इसका वास्तविक सार समझ में आएगा।

गीता-ज्ञान सिर्फ सुनने या पढने के लिए नहीं है उसे अपने विचार, व्यवहार, जीवन शैली में अपनाना जरूरी है।

सर्वप्रथम टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम का वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी दीदियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

वीणा दीदी ने बताया कि गीता हमें आत्म-ज्ञान, आत्म-चेतना और आत्म-शुद्धि का मार्ग दिखाती है , इससे जीवन में स्थिरता, शांति और संतुलन आता है।

जीवन एक कर्म दर्शन है ,जैसा कर्म करेंगे, वैसी ही परिस्थितियाँ आएँगी। इसलिए कर्म करते समय धर्म, सत्य और परमात्म-चेतना को ध्यान में रखना चाहिए।

गीता का ज्ञान सिर्फ व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि समाज, राष्ट्र और सम्पूर्ण मानवता के लिए है।

आपने बताया कि गीता का संदेश हमें भय, चिंता, तनाव से दूर कर सच्ची आत्मनुभूति कराता है।

विशेषकर आज-कल की दौड़ भाग वाली जिंदगी, मानसिक तनाव, असंतुलन, भौतिकता के चक्र में ये गीता ज्ञान युवाओं व समाज दोनों के लिए सहारा बन सकते हैं।

इस टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न सेवा केंद्रों की ब्रह्माकुमारी बहने उपस्थित रह ट्रेनिंग प्रोग्राम का लाभ प्राप्त किया।

शुभ भावनाएं हमारे जीवन में हमारा सबसे शक्तिशाली अस्त्र है,इसलिए महादानी बन शुभवनाओं का दान करे…

भिलाई 7 दिसंबर 2025 छत्तीसगढ़:- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में कर्नाटक हुबली से आई गीता ज्ञान विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने कहा कि सर्वशास्त्र शिरोमणि श्रीमद् भागवत गीता योग शास्त्र है ना की युद्ध शास्त्र, बाहुबल से विश्व पर किसी ने राज्य नहीं किया सपना तो बहुतों ने देखा लेकिन विश्व पर रामराज्य स्वर्णिम भारत सिर्फ योग बल से स्थापना होगा।

आत्मिक स्मृति स्वरूप और मनन द्वारा हम निश्चिंत जीवन जी सकते हैं, देह में रहते विदेही स्थिति आत्मअनुभूति करने का अभ्यास करना है।

सब में विशेषता देखो जब हम देह अभिमान में होते हैं तो सबकी कमियां ही दिखाई देती है।
शुद्ध भाव में शांत स्वरूप,प्रकाश स्वरूप शक्तिशाली शुद्ध विशेष आत्मा हूं।

हमारे सर पर हमारी कमियों के बोझ के साथ दूसरों के कमियों को भी लेकर बैठे हैं,इसलिए परमात्मा से हे अर्जुन कहते हैं मैं फंस गया हु,दिखावे का जीवन,जैसे सरल उदाहरण के द्वारा आपने आज के कलयुग के मानव की व्यथा और गीता ज्ञान द्वारा समाधान बताए।

आपने बताया कि रावण परम ज्ञानी, तपस्वी, शिव भक्त था फिर भी अहंकार,घमंड के कारण सिर पर गधे का ताज दिखाते हैं,अपने जीवन में घमंड अहंकार अभिमान को त्याग कर धन्यता धन्यवाद का भाव जागृत करें।

हम जो बोलते हैं उससे ज्यादा हमारी शुभ-शुद्ध भावनाएं कार्य करती हैं इसलिए शुभ भावनाएं हमारे जीवन में हमारा सबसे शक्तिशाली अस्त्र है हम जो भी सोचते हैं पूरे ब्रह्मांड में फैल जाता है, अच्छा बुरा व्यर्थ सब फैल जाता है इसीलिए सबसे पहले अपने प्रति विशेष शुभभावना रखो।
शुभभावनाओं का फल सदा लाभदायक होता है।

आपने संबंधों के प्रति बताया कि इस सृष्टि रूपी रंगमंच में परमात्मा ने हमें सभी के साथ पार्ट प्ले करने भेजा है तो मैं शुद्ध भाव से सभी के साथ अपना बेस्ट पार्ट प्ले करूंगा।
इसीलिए शुभभावनाओं को देने में कंजूसी को छोड़ महादानी बन हमें सर्व के प्रति शुभ भावनाओं का दान करना है।
मैं शुभकामनाओं से संपन्न आत्मा हूं।

खुद पर विश्वास, विधाता पर विश्वास और उसके विधान पर विश्वास ही समर्पण्यता है.. ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी कर्नाटक

भिलाई 8 दिसंबर 2025 छत्तीसगढ़:-
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में कर्नाटक हुबली से आई गीता ज्ञान विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने सर्वशास्त्र शिरोमणि श्रीमद् भागवत गीता के अध्याय 9 के श्लोक 22 अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते |
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् || के बारे में बताते हुआ कहा कि जो संपूर्ण समर्पण मेरे अनन्य है जो उनको चाहिए वो देगा और उसकी रक्षा भी करेगा।
खुद पर विश्वास विधाता पर विश्वास और उसके विधान पर विश्वास ही समर्पण्यता है।

अभाव, स्वभाव, प्रभाव, दबाव यह चार बातें हमें आकर्षित करती हैं।
सूर्य की किरणे बिना किसी से प्रभावित हुए सम्पूर्ण प्रकृति,धरती,मनुष्यात्माओं सहित ब्रह्मांड को प्रभावित करती है।
दिल की बात दिल तक,दिमाग की बात दिमाग तक पहुंचती है।
इसलिए सच्ची दिल साफ दिल से परमात्मा को याद करे, सच्चे दिल पर साहिब राज़ी।

वहीं रिसाली मैत्री कुंज प्रभु प्राप्ति भवन में आयोजित ड्राइंग एंड पेंटिंग के सभी प्रतिभागी बच्चों को ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने पुरस्कृत किया।

इस योग कार्यक्रम और गीता ज्ञान से आंतरिक परिवर्तन कार्यक्रम के लिए भिलाई सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने वीणा दीदी का सम्मान किया।
डिवाइन ग्रुप के बच्चों द्वारा सुंदर धन्यवाद नृत्य प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का सुंदर संचालन ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी ने किया।

सृष्टि चक्र में निश्चय रखे यह सबके लिए न्यायकारी,कल्याणकारी,एक्यूरेट,पॉजिटिव,परफेक्ट है

सृष्टि चक्र में निश्चय रखे यह सबके लिए न्यायकारी,कल्याणकारी,एक्यूरेट,पॉजिटिव,परफेक्ट है

महाकुंभ में “चैतन्य देवियों” की झांकी…कहा भिलाई को भलाई का वरदान प्राप्त…

महाकुंभ में “चैतन्य देवियों” की झांकी…कहा भिलाई को भलाई का वरदान प्राप्त…